'छात्रों को अमित शाह ने पिटवाया...' राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला, PM मोदी से माफी और इस्तीफे की मांग
“छात्र प्रदर्शन पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने अमित शाह को पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफा मांगा और प्रधानमंत्री मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग की.”

छात्र प्रदर्शन को लेकर देश की राजनीति और गर्म हो गई है. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहजिम्मेदार हैं. उन्होंने अमित शाह से इस्तीफा देने की मांग की, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और राजनीतिक जिम्मेदारी लेने की बात भी कही.
'धर्मेंद्र प्रधान नहीं, छात्रों को अमित शाह ने पिटवाया'
मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मांग के अनुसार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस ने की, इसलिए इसकी जिम्मेदारी गृह मंत्री अमित शाह की है. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनने के बजाय उनके साथ बल प्रयोग किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि देश का शिक्षा और टेस्टिंग सिस्टम बुरी तरह कमजोर हो चुका है और छात्र उसी के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जता रहे हैं.
PM मोदी की चुप्पी पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ जो व्यवहार हुआ, उसके लिए प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. राहुल ने यह भी कहा कि चूंकि गृह मंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं, इसलिए राजनीतिक जवाबदेही प्रधानमंत्री की भी बनती है. इस दौरान राहुल गांधी दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल भी पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना.
20 जुलाई को क्या हुआ था?
राहुल गांधी का यह बयान 20 जुलाई को हुए 'चलो संसद' मार्च के बाद आया है. जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी हुई, जिसमें 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए. पुलिस के अनुसार सरकारी वाहनों और अन्य सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया. वहीं करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने और लगभग 70 लोगों को हिरासत में लेकर एफआईआर दर्ज किए जाने की भी जानकारी दी गई है. दूसरी ओर, विपक्षी दलों का आरोप है कि छात्रों पर अनावश्यक बल प्रयोग किया गया. इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सदन में चर्चा कराने की मांग की. राहुल का दावा है कि स्पीकर ने उन्हें बताया कि इस पर चर्चा के लिए सरकार की सहमति आवश्यक होगी. छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं.



