हवा में 8 घंटे तक उड़ती रही एयर इंडिया की फ्लाइट, तकनीकी खराबी के बाद दिल्ली लौटा विमान
“दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जा रही एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते से वापस दिल्ली लौट आई. एयर इंडिया की फ्लाइट AI173 ने बुधवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अमेरिका के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन करीब आठ घंटे तक हवा में रहने के बाद विमान को सुरक्षा ”

दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जा रही एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते से वापस दिल्ली लौट आई. एयर इंडिया की फ्लाइट AI173 ने बुधवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अमेरिका के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन करीब आठ घंटे तक हवा में रहने के बाद विमान को सुरक्षा कारणों से वापस मोड़ना पड़ा. इस बोइंग 777-300ER विमान में लगभग 230 यात्री सवार थे. एयरलाइन के अनुसार उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या का पता चलते ही सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान को दिल्ली वापस लाने का फैसला किया गया. विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गया है और अब उसकी विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी. इस घटना के बाद यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, हालांकि एयरलाइन ने वैकल्पिक व्यवस्था और होटल सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही है.
उड़ान के दौरान सामने आई तकनीकी खराबी
जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट AI173 बुधवार को दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के लिए रवाना हुई थी. उड़ान ने अपने सफर का बड़ा हिस्सा तय कर लिया था और विमान कई घंटों तक अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भरता रहा. इसी दौरान पायलटों को विमान में तकनीकी खराबी का संकेत मिला. सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्रू ने तुरंत स्थिति का आकलन किया और विमान को आगे ले जाने के बजाय वापस दिल्ली लौटाने का निर्णय लिया. एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि विमान ने तय सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सुरक्षित रूप से दिल्ली में लैंडिंग की. एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि विमान अब विस्तृत तकनीकी निरीक्षण से गुजरेगा ताकि खराबी के कारणों का पता लगाया जा सके. हालांकि एयरलाइन ने तकनीकी समस्या की प्रकृति को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है.
8 घंटे हवा में रहा विमान, चीन के हवाई क्षेत्र से लौटा वापस
विमान ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, एयर इंडिया का यह विमान करीब आठ घंटे से अधिक समय तक हवा में रहा. रिपोर्ट के अनुसार, विमान तीन घंटे से ज्यादा समय तक चीन के हवाई क्षेत्र में उड़ान भर चुका था, जिसके बाद उसने यू-टर्न लेकर दिल्ली की ओर वापसी शुरू की. विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में किसी भी तकनीकी गड़बड़ी को हल्के में नहीं लिया जाता. खासकर जब विमान महासागर और कई देशों के हवाई क्षेत्र से गुजर रहा हो, तब सुरक्षा मानकों के तहत तुरंत निर्णय लेना जरूरी हो जाता है. ऐसे मामलों में पायलट और एयरलाइन ऑपरेशन टीम मिलकर यह तय करते हैं कि उड़ान को आगे जारी रखना सुरक्षित है या नहीं. एयर इंडिया द्वारा विमान को वापस दिल्ली लाना इसी सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा माना जा रहा है.
यात्रियों के लिए होटल और वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था
इस अप्रत्याशित घटना के बाद यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. एयर इंडिया ने यात्रियों से हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि सभी यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की जा रही है. एयरलाइन के अनुसार, यात्रियों को होटल में ठहराने, भोजन उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर टिकट री-शेड्यूल करने जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं. एयर इंडिया ने कहा कि उनकी ग्राउंड टीम लगातार यात्रियों की मदद में जुटी हुई है ताकि उन्हें जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके. कई यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते एयरलाइन अतिरिक्त समन्वय कर रही है. इस घटना के बाद विमान को फिलहाल सेवा से हटाकर तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है.
सुरक्षा मानकों को लेकर एयर इंडिया का दावा
एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तकनीकी संकेत को गंभीरता से लिया जाता है. एयरलाइन का कहना है कि फ्लाइट AI173 की वापसी पूरी तरह एहतियाती कदम था और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी खराबी की स्थिति में उड़ान को सुरक्षित तरीके से वापस लाना एयरलाइन और क्रू की जिम्मेदारी होती है. हालांकि इस घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा और लंबी दूरी की उड़ानों के रखरखाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है. फिलहाल एयर इंडिया की तकनीकी टीम विमान की विस्तृत जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खराबी की वास्तविक वजह सामने आ पाएगी.


