महाअष्टमी पर उज्जैन में भव्य नगर पूजा: परंपरा के तहत माता को मदिरा का भोग, 28 किमी यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
“उज्जैन में महाअष्टमी पर पारंपरिक नगर पूजा का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें माता को मदिरा का भोग अर्पित किया गया. 28 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए. यह अनोखी परंपरा शहर की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है.”

Madhya Pradesh : चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाअष्टमी के दिन आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला. श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी द्वारा आयोजित पारंपरिक नगर पूजा श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न हुई. कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 24 खंबा स्थित माता महामाया एवं महालया मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहां परंपरा के अनुसार माता को मदिरा का भोग अर्पित किया गया. इस आयोजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत अरविंद पुरी महाराज, महामंडलेश्वर प्रेमानंद महाराज और शैलेषानंद जी महाराज सहित कई संत-महंत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. संतों के अनुसार यह नगर पूजा प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जिसे वर्षों से निरंतर निभाया जा रहा है.
करीब 28 किलोमीटर लंबी नगर पूजा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर निकली. यात्रा के दौरान कोटवार हांडी में मदिरा की धारा लेकर चलते रहे और मार्ग में आने वाले देवी-भैरव मंदिरों में ध्वज एवं चोला अर्पित किया गया. कई स्थानों पर माता को मदिरा का भोग भी लगाया गया. बैंड-बाजों, जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे शहर को भक्ति और उत्साह से भर दिया. यह आयोजन उज्जैन की समृद्ध धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है.



