साहिबगंज: महाराजपुर के पास रेलपथ धंसा, ट्रेनों का परिचालन प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट
“साहिबगंज–बड़हरवा रेलखंड में सकरीगली और महाराजपुर के बीच गंगा नदी के तटबंध की कटिंग के कारण डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने के साथ कुछ ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया है. वहीं दो ट्रेनों को साहिबगंज में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा.”

Sahebganj: साहिबगंज-बरहरवा-तीनपहाड़-पाकुड़ रेलखंड पर मंगलवार को रेल परिचालन अचानक प्रभावित हो गया. महाराजपुर रेलवे स्टेशन के पास डाउन रेलपथ धंसने के बाद रेलवे ने ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू कराया. धंसे हिस्से में मोरम भरने और रेलपथ को दुरुस्त करने के कारण कई ट्रेनों का परिचालन रद्द करना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया. इसका सीधा असर साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जहां बरहरवा, तीनपहाड़, पाकुड़ और मालदा जाने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा. ट्रेनें रद्द होने और मार्ग बदलने के बाद यात्रियों को सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ा. इस दौरान कई यात्रियों ने तीन और चार पहिया वाहन चालकों पर सामान्य से अधिक किराया वसूलने का आरोप लगाया.
कई ट्रेनें रद्द, कुछ का बदला गया रूट
रेलवे की सूचना के मुताबिक रेलपथ धंसने के कारण कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ. 63406 ट्रेन को रद्द कर दिया गया, जबकि 53408 और 13410 ट्रेनों को साहिबगंज तक ही चलाया गया. वहीं 13024, 13404 और 13072 ट्रेनों को दुमका के रास्ते डायवर्ट किया गया. 15657 ट्रेन को कटिहार के रास्ते और 03030 को आसनसोल के रास्ते चलाया गया. ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग में बदलाव के कारण साहिबगंज से बरहरवा, तीनपहाड़, पाकुड़ और मालदा की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. कई यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी. स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ और असमंजस की स्थिति बनी रही.
डेढ़ घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही लोकल ट्रेन
रेल परिचालन प्रभावित होने का असर साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर भी साफ दिखाई दिया. प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर शाम करीब पांच बजे साहिबगंज से रामपुरहाट जाने वाली लोकल ट्रेन को रोक दिया गया. निर्धारित समय पर यात्रा के लिए स्टेशन पहुंचे यात्री ट्रेन के चलने का इंतजार करते रहे. ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई. यात्रियों का कहना था कि अगर रेल परिचालन प्रभावित होने की जानकारी समय रहते अनाउंसमेंट के जरिए दी जाती, तो वे अनावश्यक रूप से स्टेशन पर इंतजार करने से बच सकते थे. ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने के कारण यात्रियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही. कई यात्रियों ने बाद में सड़क मार्ग से अपने गंतव्य तक जाने का फैसला किया.
ट्रेनें रद्द होते ही बढ़ी निजी वाहनों की मांग
ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग बदलने के बाद सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई. साहिबगंज से बरहरवा, तीनपहाड़ और पाकुड़ की ओर जाने वाले यात्रियों ने तीन और चार पहिया निजी वाहनों का सहारा लिया. यात्रियों का आरोप है कि उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए कुछ वाहन चालकों ने सामान्य दिनों की तुलना में अधिक किराया वसूला. स्टेशन परिसर और आसपास के वाहन स्टैंडों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई. यात्री सहदेव कुमार, रामविलास, शोभा कुमारी और हाशिम अंसारी समेत अन्य यात्रियों ने बताया कि वे निर्धारित समय पर स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन रेल परिचालन बाधित होने के कारण उन्हें काफी देर इंतजार करना पड़ा. ट्रेन नहीं मिलने के बाद उन्हें मजबूरी में सड़क मार्ग से जाना पड़ा और इसके लिए अधिक किराया देना पड़ा.
रेलवे की टीम ने शुरू किया मरम्मत कार्य
महाराजपुर के पास रेलपथ धंसने की सूचना मिलने के बाद रेलवे की टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू किया. धंसे हुए हिस्से में मोरम भरने के साथ रेलपथ को दुरुस्त करने का कार्य कराया गया. रेलवे की टीम लगातार मौके पर काम करती रही, ताकि प्रभावित रेलखंड पर परिचालन जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके. रेलपथ की स्थिति को देखते हुए ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किए गए थे. यात्रियों को भी इस दौरान अपनी यात्रा से पहले ट्रेन के परिचालन की स्थिति की जानकारी लेने की जरूरत रही. रेलपथ को दुरुस्त करने के बाद परिचालन सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गई.

