बंगाल चुनाव में दर्दनाक हादसा: पटाशपुर में वोट डालने आए मतदाता की मौत, जानें पूरा मामला
“पश्चिम बंगाल के पटाशपुर में मतदान के दौरान एक 58 वर्षीय मतदाता की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी में लंबी कतार में खड़े रहने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. घटना के बाद चुनावी व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं.”

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बीच एक दुखद घटना सामने आई है, जिसने लोकतंत्र के इस उत्सव को शोक में बदल दिया. पटाशपुर के बामनबाड़ी इलाके में एक 58 वर्षीय मतदाता की मतदान के दौरान मौत हो गई. बताया जा रहा है कि वे मतदान केंद्र पर लंबी कतार में खड़े थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. इलाके में तेज गर्मी और उमस भरा मौसम था, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मतदाता को अचानक चक्कर आया और वे जमीन पर गिर पड़े. उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मौत का कारण दिल का दौरा माना जा रहा है, जो अत्यधिक गर्मी के चलते आया. इस घटना ने चुनावी व्यवस्थाओं और मतदाताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
कतार में इंतजार के दौरान बिगड़ी तबीयत
बामनबाड़ी के एक मतदान केंद्र पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी लाइन लगी हुई थी. मृतक, नृपेंद्रनाथ दास, अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. तेज धूप और गर्मी के बीच लंबे समय तक खड़े रहने से उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. इस घटना से वहां मौजूद मतदाताओं में दहशत और दुख का माहौल बन गया.
नेताओं ने जताया शोक, परिवार को समर्थन
घटना की जानकारी मिलते ही तृणमूल कांग्रेस के नेता पियूष कांति पांडा और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार तपन माइती ने मृतक के परिवार से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भाग लेने आए व्यक्ति के साथ ऐसा होना अत्यंत दुखद है.
व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, जांच जारी
घटना के बाद प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही, इस हादसे ने भीषण गर्मी में मतदान केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मतदाताओं की सुरक्षा, छाया, पानी और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया भी प्रभावित हुई, क्योंकि अन्य मतदाता इस घटना से स्तब्ध थे.



