PoK में बढ़ी बगावत की आग! JAAC के आंदोलन से घबराया पाकिस्तान? Asim Munir पर लगे गंभीर आरोप
“Pakistan Occupied Kashmir में JAAC का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है. Asim Munir पर आंदोलन दबाने को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं, जबकि भारत ने भी नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग पर चिंता जताई है. जानिए पूरे मामले की बड़ी बातें.”

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पिछले कई हफ्तों से जारी प्रदर्शन अब और तेज होते जा रहे हैं. महंगाई, राजनीतिक भेदभाव और प्रशासनिक उपेक्षा जैसे मुद्दों पर शुरू हुआ आंदोलन अब पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ बड़े विरोध में बदलता दिख रहा है. इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को लेकर कई गंभीर दावे सामने आए हैं, जिनके बाद पूरे इलाके की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय नजरें टिक गई हैं.
JAAC का आंदोलन बना पाकिस्तान की सबसे बड़ी चुनौती?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) लगातार लोगों को एकजुट कर रही है और प्रदर्शन अब पहले से ज्यादा व्यापक हो चुके हैं. दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की जान जा चुकी है. वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप लगाए गए हैं कि आंदोलन की शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. JAAC नेताओं का कहना है कि वे अपने अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और बेहतर जीवन की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर पाकिस्तान प्रशासन इन प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम कर रहा है.
'वतन या कफन' के नारे, लंबा मार्च और बढ़ता तनाव
JAAC नेता सरदार अमान कश्मीरी ने हालिया सभा में कहा कि लोग अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. इस बीच मुजफ्फराबाद की ओर निकाले जा रहे लंबे मार्च को रोकने के लिए कई जगह सुरक्षा बलों ने बैरिकेडिंग की है. कुछ रिपोर्ट्स में यह आरोप भी लगाया गया है कि प्रदर्शन को प्रभावित करने के लिए चरमपंथी तत्वों का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
भारत ने क्या कहा?
भारत ने PoK के हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग स्वीकार्य नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि स्थानीय लोगों की वैध मांगों का समाधान संवाद से होना चाहिए, न कि हिंसा या दमन से. उन्होंने महिलाओं और बच्चों पर कथित हमलों, इंटरनेट बंद करने और आवश्यक सेवाओं में बाधा जैसी रिपोर्ट्स पर भी चिंता जताई. फिलहाल PoK की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है. एक तरफ आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं. आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है.



