‘ई सब को कुछ आता था… ये लोग फालतू’- बिहार विधान परिषद में राबड़ी पर बरस गये नीतीश
“बिहार विधान परिषद में बजट सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर तीखी बहस हुई. दरभंगा रेप-मर्डर मामले पर विपक्ष ने हंगामा किया और राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग की. जवाब में नीतीश कुमार ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि ये लोग फालतू बातें कर रहे हैं.”

Patna: बिहार विधान परिषद में बजट सत्र के दौरान सोमवार को कानून-व्यवस्था और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सियासी टकराव चरम पर पहुंच गया. दरभंगा में बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया. कार्यवाही शुरू होते ही राजद सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया और राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. इसी दौरान विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफा देने की मांग कर दी. राबड़ी देवी के इस बयान के बाद सदन में शोर-शराबा तेज हो गया. जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा- “ई सब को कुछ आता था? 15 साल राज किया, कुछ काम नहीं किया.” नीतीश ने विपक्ष को फालतू बातें करने वाला बताते हुए सरकार के काम गिनाए. इसके बाद सदन का माहौल और गरमा गया और कार्यवाही बार-बार बाधित हुई.
दरभंगा रेप-मर्डर को लेकर विपक्ष का जोरदार हंगामा
राजद सदस्यों ने विधान परिषद में दरभंगा की घटना को प्रमुखता से उठाया. उनका कहना था कि राज्य में बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार इसे रोकने में नाकाम साबित हो रही है. राजद एमएलसी सुनील सिंह ने कहा कि दरभंगा की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है और यह कानून-व्यवस्था की असली तस्वीर दिखाती है. विपक्षी सदस्यों ने पटना, आरा, खगड़िया समेत अन्य जिलों में हुई आपराधिक घटनाओं का भी उल्लेख किया. हंगामे के दौरान विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे प्रश्नकाल नहीं चल सका. सभापति की अपील के बावजूद सदन में शोर-शराबा जारी रहा.
राबड़ी देवी की इस्तीफा मांग पर नीतीश कुमार का तीखा जवाब
हंगामे के बीच राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य में शायद ही कोई जिला बचा हो जहां बच्चियां पूरी तरह सुरक्षित हों. राबड़ी देवी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हुए और विपक्ष पर सीधा हमला बोला. नीतीश कुमार ने कहा कि ये लोग फालतू बातें कर रहे हैं और बिना किसी आधार के सरकार पर आरोप लगा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने शिक्षा, महिला शक्तिकरण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में काम किया है. उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया. इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
नारेबाजी से ठप हुई कार्यवाही, बाहर भी विरोध प्रदर्शन
सदन के भीतर लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण विधान परिषद की कार्यवाही कुछ ही देर में स्थगित करनी पड़ी. स्थिति संभालने की कोशिशों के बावजूद माहौल शांत नहीं हो सका. विधान परिषद की कार्यवाही के साथ-साथ विधानसभा परिसर के बाहर भी विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा. कांग्रेस और राजद के नेताओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पोस्टरों के जरिए विरोध जताया. पूरे घटनाक्रम से साफ है कि इस बजट सत्र में कानून-व्यवस्था और बच्चियों की सुरक्षा का मुद्दा सियासत के केंद्र में आ गया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रहा है.


