एक दूल्हा... तीन दुल्हन! UP की इस शादी ने सोशल मीडिया पर मचा दी हलचल
“अमरोहा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें एक युवक तीन बहनों से शादी करता दिखाई दे रहा है. चारों का दावा है कि उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह किया है, जबकि अब इस शादी की कानूनी वैधता पर बहस छिड़ गई है.”

उत्तर प्रदेश के अमरोहा से सामने आए एक शादी के वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। वजह शादी नहीं, बल्कि उसका अनोखा स्वरूप है. वायरल वीडियो में एक युवक तीन लड़कियों के साथ विवाह की रस्में निभाता दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि तीनों लड़कियां आपस में बहनें हैं. पहले लोगों ने इसे सोशल मीडिया कंटेंट समझा, लेकिन बाद में चारों ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्होंने वास्तव में शादी की है. अब यह मामला सिर्फ वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है. सोशल मीडिया पर लोग हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 का हवाला देते हुए सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक पुरुष एक साथ तीन महिलाओं से शादी कर सकता है?
आखिर तीनों बहनों ने एक ही युवक से शादी क्यों की?
वायरल वीडियो अमरोहा जिले का बताया जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़कियों के नाम सरोज, सावित्री और संतोष हैं. इनमें दो सगी बहनें हैं, जबकि तीसरी उनकी चचेरी बहन बताई जा रही है. युवक का नाम विकास बताया गया है. वीडियो में विकास तीनों के साथ विवाह की रस्में निभाते, सिंदूर भरते और अलग-अलग तस्वीरें खिंचवाते नजर आता है. बाद में चारों ने एक वीडियो जारी कर कहा कि यह कोई कंटेंट शूट नहीं था, बल्कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है. लड़कियों का कहना है कि वे बचपन से साथ पली-बढ़ी हैं और शादी के बाद अलग-अलग घरों में नहीं रहना चाहती थीं.
उनके अनुसार, जब परिवार उनकी शादी अलग-अलग लड़कों से कराने की तैयारी कर रहा था, तब वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई थीं. उनका दावा है कि उन्होंने पहले आत्मघाती कदम उठाने के बारे में भी सोचा, लेकिन बाद में फैसला किया कि वे अपनी इच्छा से एक ही व्यक्ति से विवाह करके साथ रहेंगी. विकास ने भी वीडियो में कहा कि वह तीनों बहनों के बीच गहरा लगाव जानता था, इसलिए उसने तीनों से शादी करने का फैसला किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरोज ने B.Tech की पढ़ाई की है, जबकि सावित्री और संतोष 12वीं तक पढ़ी हैं. बताया जा रहा है कि विकास पहले उनके सोशल मीडिया वीडियो शूट करता था और पिछले छह महीनों से उनके कंटेंट में ऑन-स्क्रीन पति की भूमिका निभा रहा था.
क्या यह शादी कानूनी रूप से मान्य है?
यही वह सवाल है, जिस पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत किसी हिंदू पुरुष या महिला के जीवित जीवनसाथी रहते हुए दूसरी शादी करने की अनुमति नहीं है. यानी सामान्य परिस्थितियों में एक साथ एक से अधिक विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं होते. हालांकि, इस मामले में अब तक किसी सरकारी एजेंसी या अदालत की ओर से यह पुष्टि नहीं हुई है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई रस्में कानूनी रूप से वैध विवाह थीं या नहीं. उधर, जिस मां चामुंडा मंदिर में शादी होने का दावा किया जा रहा है, वहां के प्रशासन ने भी इस घटना की जानकारी होने से इनकार किया है. मंदिर अधिकारियों के मुताबिक, जिस समय वीडियो रिकॉर्ड किया गया, उस दौरान मंदिर में मरम्मत और सजावट का काम चल रहा था. वहां कोई पुजारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था, इसलिए उन्हें ऐसी किसी शादी की जानकारी नहीं है. फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि, विवाह की कानूनी वैधता और इससे जुड़े अन्य पहलुओं पर अभी किसी सक्षम सरकारी प्राधिकरण की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.




