बिहार में EOU की बड़ी कार्रवाई, किशनगंज SDPO गौतम कुमार समेत दो अधिकारियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी
“बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार सुबह भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए किशनगंज के SDPO गौतम कुमार और सहरसा DRDA के निदेशक वैभव कुमार के कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की.”

Patna: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार सुबह भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए किशनगंज के SDPO गौतम कुमार और सहरसा DRDA के निदेशक वैभव कुमार के कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. गौतम कुमार पर आय से लगभग 1 करोड़ 94 लाख रुपये (60.27% अधिक) संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जबकि वैभव कुमार पर 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये (78.03% अधिक) की अतिरिक्त संपत्ति का मामला है. EOU की टीमें किशनगंज, पूर्णिया, पटना, अररिया समेत बिहार के 6 जिलों और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी दबिश दे रही हैं. किशनगंज में EOU की 12 सदस्यीय टीम तीन गाड़ियों में सुबह साढ़े 8 बजे SDPO के घर और कार्यालय पहुंची. पूर्णिया में उनके ससुराल से सोने के जेवर और चांदी के सिक्के बरामद हुए. छापेमारी में दस्तावेजों और संपत्ति संबंधी कागजात की जांच जारी है. ईओयू के अनुसार, दोनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिक साक्ष्य मिलने के बाद विशेष निगरानी अदालत पटना से तलाशी वारंट लेकर यह कार्रवाई की गई. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी.
EOU रेड की टाइमलाइन
मंगलवार सुबह EOU की टीमों ने एक साथ दो बड़े अभियानों की शुरुआत की. वैभव कुमार के ठिकानों पर सुबह 7 बजे से छापेमारी शुरू हुई, जबकि गौतम कुमार के घर-दफ्तर पर साढ़े 8 बजे दबिश पड़ी. किशनगंज के धर्मगंज चौक स्थित सरकारी आवास और ऑफिस में टीम ने कागजात, फाइलें और अन्य सामान खंगाला. पूर्णिया में बिस्तर हटाकर गहन तलाशी ली गई. छापेमारी बिहार के छह जिलों और सिलीगुड़ी तक फैली हुई है. कुल 12 ठिकानों पर अलग-अलग टीमें कार्यरत हैं. यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामलों में EOU की लगातार बढ़ती सक्रियता का हिस्सा है.
SDPO गौतम कुमार पर क्या आरोप?
किशनगंज में तैनात SDPO गौतम कुमार बिहार पुलिस सेवा के अधिकारी हैं. वे पहले पटना में बीएमपी-5 में DSP के पद पर कार्यरत थे. EOU जांच में उनके खिलाफ आय से 1 करोड़ 94 लाख रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का प्रथम दृष्टया प्रमाण मिला है. आरोप है कि उन्होंने अवैध बालू खनन, लॉटरी माफिया, तस्करी और लूट जैसे गैरकानूनी गतिविधियों से काली कमाई की. उनके ठिकाने किशनगंज, पूर्णिया (ससुराल), पटना और सहरसा (पुश्तैनी घर) में हैं. कुल 6 जगहों पर छापेमारी चल रही है. गौतम कुमार फिलहाल किशनगंज में ही मौजूद हैं. EOU टीम उनके दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है.
DRDA निदेशक वैभव कुमार का मामला
सहरसा DRDA के निदेशक वैभव कुमार पर भी आय से 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये (78.03% अधिक) संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. वे मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं और सहरसा के नया बाजार सराही मोड़ के पास किराए के मकान में रहते हैं. उनके कुल 6 ठिकानों (सहरसा, मुजफ्फरपुर सहित) पर अलग-अलग EOU टीमें छापेमारी कर रही हैं. इस मामले में भी विशेष निगरानी अदालत से वारंट लेकर कार्रवाई की गई है. दोनों मामलों में EOU ADG नैय्यर हसनैन खान ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
भ्रष्टाचार के खिलाफ EOU की सख्ती
बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) लगातार भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों पर शिकंजा कस रही है. हाल के महीनों में कई इंजीनियरों, बैंक अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के ठिकानों पर इसी तरह की रेड की गई हैं, जिसमें करोड़ों की नकदी, जेवर और संपत्ति दस्तावेज बरामद हुए. यह कार्रवाई भ्रष्टाचार मुक्त बिहार की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. EOU की यह बड़ी रेड प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा रही है. दोनों अधिकारियों की संपत्ति की पूरी जांच के बाद यदि दोष सिद्ध होता है तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आम जनता इस कार्रवाई का स्वागत कर रही है और उम्मीद जता रही है कि ऐसे मामलों में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.


