बिहार: टेंडर घोटाला जांच में बड़ा एक्शन, IAS योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के यहां SVU की रेड
चर्चित टेंडर घोटाला मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बड़ा एक्शन लेते हुए दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों और एक कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की है.

Bihar: चर्चित टेंडर घोटाला मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बड़ा एक्शन लेते हुए दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों और एक कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की है. जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई ठेकेदार रिशु श्री से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर की है. जिन लोगों के यहां छापेमारी की गई, उनमें बिहार कैडर के IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर, IAS अभिलाषा शर्मा और मातृसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार शामिल हैं. जांच एजेंसियों का दावा है कि सरकारी टेंडरों से जुड़ी कथित अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. रिशु श्री पिछले कई दिनों से जांच एजेंसियों की रिमांड पर हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. इसी दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर SVU अब पूरे नेटवर्क और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े संभावित संबंधों की गहन जांच कर रही है.
कौन हैं IAS योगेश कुमार सागर?
IAS योगेश कुमार सागर बिहार कैडर के 2017 बैच के अधिकारी हैं और उन्हें प्रशासनिक क्षेत्र में तकनीक आधारित कार्यशैली तथा तेज निर्णय क्षमता के लिए जाना जाता रहा है. अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. वे अररिया जिले के फोर्ब्सगंज में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) रह चुके हैं, जबकि भागलपुर नगर निगम में नगर आयुक्त की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. इसके अलावा बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUIDCO) के प्रबंध निदेशक और समाज कल्याण विभाग में निदेशक के रूप में भी उन्होंने काम किया. BUIDCO में उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़े शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली थी. वर्तमान जांच में आरोप है कि कुछ सरकारी टेंडरों में कथित रूप से विशेष कंपनियों को लाभ पहुंचाने में उनकी भूमिका हो सकती है. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
IAS अभिलाषा शर्मा का प्रशासनिक सफर
IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा बिहार कैडर की 2014 बैच की वरिष्ठ अधिकारी हैं. उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण विभागों और परियोजनाओं में जिम्मेदारियां संभाली हैं. प्रारंभिक दौर में वे केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़ी रहीं, जबकि बाद में सीतामढ़ी की जिलाधिकारी (DM) के रूप में भी सेवाएं दीं. इसके अलावा वित्त विभाग में संयुक्त सचिव, जीविका (JEEViKA) परियोजना और ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर उन्होंने कार्य किया. प्रशासनिक दक्षता और विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए उनकी पहचान रही है. हालांकि हाल के दिनों में उनका नाम टेंडर घोटाला जांच में सामने आने के बाद विवादों में आ गया. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या सरकारी टेंडर प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने में उनकी कोई भूमिका रही है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
रिशु श्री, टेंडर नेटवर्क और जांच एजेंसियों के दावे
पूरे मामले के केंद्र में कारोबारी और ठेकेदार रिशु श्री का नाम सामने आया है, जिनसे SVU और अन्य एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं. जांच एजेंसियों का दावा है कि रिशु श्री को सरकारी टेंडरों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पहले से मिल जाती थीं और कथित तौर पर कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया जाता था. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने लगभग 265.73 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की. पूछताछ के दौरान जल संसाधन विभाग, नगर विकास विभाग, BUIDCO, भवन निर्माण विभाग और BMSICL से जुड़े टेंडरों में संभावित गड़बड़ियों को लेकर सवाल किए गए हैं. एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि टेंडर स्वीकृति के बदले कथित कमीशन का नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.
जांच की टाइमलाइन और आगे की कार्रवाई
टेंडर घोटाला मामले की जांच पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न एजेंसियों के रडार पर रही है. वर्ष 2024-25 के दौरान कुछ सरकारी टेंडर प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद SVU ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी. इसके बाद नवंबर 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार सरकार और निगरानी एजेंसियों से संबंधित दस्तावेज मांगे और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की. वर्ष 2025 के अंत तक कई परिसरों पर छापेमारी की गई और बैंक खातों तथा संपत्तियों से जुड़े लेनदेन की जांच तेज हुई. मई 2026 में बिहार सरकार ने IAS योगेश कुमार सागर और IAS अभिलाषा शर्मा को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की. अब SVU द्वारा की गई ताजा छापेमारी को जांच का अहम चरण माना जा रहा है. एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं.

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