बिहार विधानसभा में मैथिली ठाकुर का विवादित भाषण: लालू को धृतराष्ट्र, तेजस्वी को दुर्योधन बताया
“बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बीजेपी की युवा विधायक और प्रसिद्ध कलाकार मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर जोरदार हमला किया. उन्होंने लालू प्रसाद यादव की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से करते हुए कहा कि उस समय बिहार की चिंता नहीं बल्कि अपने ‘दुर्योधन’ की फिक्र थी.”

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बीजेपी की युवा विधायक और प्रसिद्ध कलाकार मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर जोरदार हमला किया. उन्होंने लालू प्रसाद यादव की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से करते हुए कहा कि उस समय बिहार की चिंता नहीं बल्कि अपने ‘दुर्योधन’ की फिक्र थी. तेजस्वी यादव को दुर्योधन कहकर निशाना साधा गया. उनके इस बयान के बाद सदन में आरजेडी विधायकों ने कड़ा विरोध जताया और विपक्ष व सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
जंगलराज से सुशासन तक का सफर
मैथिली ने अपने भाषण में बिहार के पुराने दौर ‘जंगलराज’ की याद दिलाते हुए बताया कि पहले महिलाएं शाम 5-6 बजे के बाद घर से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस करती थीं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज वे रात 3 बजे भी दरभंगा से पटना अकेले सुरक्षित पहुंच जाती हैं. इस बदलाव के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन और सुरक्षा उपायों की सराहना की. उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा में हुए सुधार और राज्य में कानून-व्यवस्था के सकारात्मक प्रभाव पर जोर दिया.
शिक्षा और साइकिल योजना की सराहना
मैथिली ठाकुर ने विधानसभा में शिक्षा बजट और योजनाओं पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साइकिल योजना को ‘गेम-चेंजर’ बताते हुए कहा कि इस योजना ने लाखों बेटियों के भविष्य को नई उड़ान दी है. उन्होंने श्लोक ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ का हवाला देते हुए बिहार में अंधकार से उजाले की ओर हुए इस बदलाव को दर्शाया. मैथिली ने अपने क्षेत्र अलीनगर के स्कूलों में बढ़ते नामांकन का जिक्र करते हुए और अधिक शिक्षा भवनों के निर्माण की मांग भी की.


