होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कड़ा कंट्रोल: 20% वैश्विक तेल सप्लाई ठप, कीमतें $100 पार
“अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 मार्च को ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था – होर्मुज खोलो, वरना पावर प्लांट्स तबाह कर देंगे. बाद में ट्रंप ने इसे 5 दिन बढ़ा दिया और दावा किया कि ईरान के साथ “डील” की बातचीत चल रही है, लेकिन तेहरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया.”

इजरायल-ईरान युद्ध अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया के 20% तेल और LNG का रूट थम गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 मार्च को ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था – होर्मुज खोलो, वरना पावर प्लांट्स तबाह कर देंगे. बाद में ट्रंप ने इसे 5 दिन बढ़ा दिया और दावा किया कि ईरान के साथ “डील” की बातचीत चल रही है, लेकिन तेहरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया.
इस बीच इजरायली एयर स्ट्राइक्स तेहरान तक पहुंच गए हैं, जबकि ईरान ने इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन बरसाए. हिजबुल्लाह भी उत्तरी इजरायल पर हमले तेज कर रहा है. होर्मुज पर ईरान ने नया नियम बना लिया – “नॉन-होस्टाइल” जहाज ही पास हो सकेंगे, बाकी नहीं. तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. वैश्विक शिपिंग 95% तक घटी है. यह युद्ध अब सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है.
ताजा हमले: तेहरान अंधेरा, इजरायल पर मिसाइल बौछार
24-25 मार्च की रात इजरायली हमलों से तेहरान के बड़े इलाकों में बिजली गुल हो गई. IDF ने तेहरान और अन्य सैन्य ठिकानों पर सटीक स्ट्राइक्स किए. जवाब में ईरान ने इजरायल के तेल अवीव, अराद और दिमोना पर मिसाइलें दागीं – एक मिसाइल तो इजरायली न्यूक्लियर साइट के पास गिरी. हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इजरायल पर रॉकेट अटैक बढ़ा दिए. IDF का कहना है कि ईरानी मिसाइलों को ज्यादातर इंटरसेप्ट कर लिया गया, लेकिन कुछ जगहों पर नुकसान हुआ. दोनों तरफ से हमले जारी हैं और सीजफायर की उम्मीद अभी दूर नजर आ रही है.
होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान का नया गेम प्लान
ईरान ने होर्मुज को “सेलेक्टिव ब्लॉकेड” बना दिया है. 24 मार्च को ईरान ने UN और IMO को पत्र लिखकर कहा – “नॉन-होस्टाइल” जहाज (जो इजरायल या अमेरिका से जुड़े नहीं) तो पास हो सकते हैं, लेकिन उन्हें ईरानी अथॉरिटी से कोऑर्डिनेशन करना होगा. ईरान अब “टोल बूथ” बनाने की तैयारी में है – सुरक्षित गुजरने के लिए भारी टैक्स वसूलने का प्लान. ट्रैफिक 95-97% घट गया है. ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी – अगर अमेरिका ने पावर प्लांट्स पर हमला किया तो होर्मुज “पूरी तरह बंद” कर दिया जाएगा.
ट्रंप का अल्टीमेटम और “डील” की बातचीत
ट्रंप ने 22 मार्च को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. ईरान ने जवाब में कहा – “अगर तुमने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया तो होर्मुज हमेशा के लिए बंद”. ट्रंप ने 23 मार्च को डेडलाइन 5 दिन बढ़ा दी और दावा किया कि ईरान के साथ न्यूक्लियर डील और होर्मुज पर जॉइंट कंट्रोल की बातचीत चल रही है. ईरान ने इसे झूठ बताया. अमेरिका अब हफ्तों लंबे ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है – US Navy जहाजों को एस्कॉर्ट करने और ईरानी मिसाइल साइट्स को तबाह करने की प्लानिंग. 22 देश (NATO + गल्फ स्टेट्स) ने होर्मुज सुरक्षित करने का संकेत दिया है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी असर
होर्मुज बंद होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल पार कर गया. भारत, चीन, यूरोप और जापान जैसे बड़े आयातक देश सबसे ज्यादा प्रभावित. शिपिंग कंपनियां टैंकर रोक रही हैं. वॉर रिस्क इंश्योरेंस आसमान छू रहा है. WSJ और Reuters के मुताबिक, अगर होर्मुज पूरी तरह बंद रहा तो ग्लोबल इकोनॉमी को $1 ट्रिलियन का नुकसान हो सकता है. गल्फ देशों के पावर प्लांट्स पर ईरानी हमले की धमकी से पूरा क्षेत्र हाई अलर्ट पर है.
क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रिया और हिजबुल्लाह का रोल
सऊदी, UAE, बहरीन समेत गल्फ देश चुपचाप अमेरिका-इजरायल के साथ खड़े हैं. उन्होंने शिपिंग प्रोटेक्शन के लिए कोऑर्डिनेशन शुरू कर दिया. हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले तेज कर दिए. लेबनान बॉर्डर पर तनाव चरम पर. ईरान का दावा है कि वह “रक्षात्मक” कार्रवाई कर रहा है, जबकि इजरायल और अमेरिका इसे “आक्रामकता” बता रहे हैं. EU की Ursula von der Leyen ने दोनों पक्षों से बातचीत और होर्मुज खोलने की अपील की.
आगे क्या? युद्ध की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 5-7 दिन निर्णायक होंगे. अगर ट्रंप की बातचीत कामयाब हुई तो युद्ध रुक सकता है, वरना US-इजरायल का बड़ा ऑपरेशन शुरू हो जाएगा. ईरान अभी भी मिसाइल और ड्रोन क्षमता रखता है, लेकिन उसकी एयर डिफेंस कमजोर हो चुकी है. होर्मुज पर कंट्रोल की लड़ाई अब युद्ध का सबसे बड़ा मोर्चा बन गई है. फिलहाल दोनों तरफ से सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन छोटी-सी गलती पूरे मध्य पूर्व को आग की लपटों में झोंक सकती है.
यह युद्ध अब सिर्फ इजरायल-ईरान का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का मुद्दा बन गया है. होर्मुज खुला या बंद – यह फैसला आने वाले दिनों में ग्लोबल इकोनॉमी और राजनीति दोनों को बदल सकता है.



