बाढ़ में हाईवोल्टेज ड्रामा, अपराधियों ने पहले पुलिस की तलाशी ली फिर खुला दरवाजा
“पटना में आधी रात हाईवोल्टेज ड्रामा! गैंगस्टर सोनू-मोनू के घर पहुंची पुलिस, महिलाओं ने रोका रास्ता, फिर हुई ऐसी ‘तलाशी’ कि सब देखते रह गए”

पटना/बाढ़: पटना के बाढ़ इलाके में पंचमहला फायरिंग कांड के बाद देर रात ऐसा हाईवोल्टेज हंगामा हुआ कि पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। कुख्यात अपराधी सोनू-मोनू पर अनंत सिंह समर्थक और मुखिया पति मुकेश कुमार पर गोली चलाने का आरोप है। घटना के बाद जब पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में उनके घर पहुंची, तो वहां जमकर बवाल शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस छापेमारी के लिए घर के अंदर जाने लगी, तभी गैंगस्टर सोनू-मोनू की मां और मुखिया उर्मिला सिन्हा समेत कई महिलाओं ने पुलिस को दरवाजे पर ही रोक दिया। देखते ही देखते समर्थकों की भीड़ जमा हो गई और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। करीब आधे घंटे तक पुलिस और परिवार वालों के बीच जोरदार बहस चलती रही।
मौके पर मौजूद हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने फोन पर खुद सोनू से बातचीत की। उन्होंने साफ कहा कि कानून पुलिस को ऐसी स्थिति में बिना सर्च वारंट के भी तलाशी लेने का अधिकार देता है, खासकर तब जब सबूत मिटाने की आशंका हो। लेकिन परिवार वाले किसी भी कीमत पर पुलिस को सीधे घर में घुसने देने को तैयार नहीं थे।
इसी बीच समर्थकों और महिलाओं ने नई शर्त रख दी। उन्होंने कहा कि पहले पुलिसकर्मी खुद की तलाशी देंगे, तभी उन्हें घर के अंदर जाने दिया जाएगा। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने भी संयम दिखाया और खुद की जांच करवाई। इसके बाद एक-एक कर पुलिसकर्मियों को घर के भीतर प्रवेश करने दिया गया। इस दौरान वहां मौजूद लोग पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
पूरे मामले पर एसडीपीओ रामकृष्णा ने बताया कि पंचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव में सरपंच पति और मुखिया पति प्रमोद सिंह के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान अपराधी सोनू कुमार द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
एसडीपीओ ने यह भी कहा कि मौके की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कानून के तहत पूरी प्रक्रिया अपनाई। वायरल वीडियो की भी जांच की जाएगी और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी।

