बंगाल में चुनावी हिंसा तेज: कुमारगंज से मुर्शिदाबाद तक टकराव, कई जगह तनाव
“पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. कुमारगंज में BJP प्रत्याशी पर हमला हुआ, जबकि मुर्शिदाबाद में बमबाजी और राजनीतिक झड़पें सामने आईं.”
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच हिंसा और झड़पों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. ताजा मामला कुमारगंज का है, जहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर कथित रूप से हमला किया गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे भीड़ से बचकर भागते नजर आते हैं. इस दौरान उनका सुरक्षा कर्मी भी उनके साथ मौजूद था, लेकिन भीड़ ने उनका पीछा कर हमला कर दिया. घटना के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन चुनाव आयोग ने वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. राज्य के अन्य हिस्सों जैसे मुर्शिदाबाद, सिलीगुड़ी और मालदा से भी झड़प, पथराव और ईवीएम खराब होने की खबरें सामने आई हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं.
कुमारगंज में उम्मीदवार पर हमला, जांच के आदेश
कुमारगंज में भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार पर हमला चुनावी हिंसा का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है. वायरल वीडियो में साफ दिखता है कि वे खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भीड़ उन्हें घेर लेती है. घटना के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. फिलहाल पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है.
मुर्शिदाबाद में बमबाजी और राजनीतिक टकराव
मुर्शिदाबाद के नौदा इलाके में मतदान से पहले देसी बम फेंके जाने की घटना ने हालात और बिगाड़ दिए. इस हमले में कई लोग घायल हुए. घटना के बाद हुमायूं कबीर मौके पर पहुंचे, जहां उनका तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विवाद हो गया. स्थिति इतनी बिगड़ी कि उन्हें धरने पर बैठना पड़ा. उन्होंने पुलिस पर पक्षपात और समर्थकों के साथ मारपीट का आरोप लगाया.
कई जिलों में झड़प और ईवीएम पर सवाल
सिलीगुड़ी में भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें आईं, जबकि मालदा के एक बूथ पर ईवीएम खराब होने से लोगों ने हंगामा कर दिया. चुनाव अधिकारियों को घेरकर विरोध जताया गया. इसके बावजूद मतदान जारी है और कई जगह लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें महिलाओं की भागीदारी ज्यादा रही. राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और TMC के बीच है, और चुनाव आयोग वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी कर रहा है.



