रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी पर विवाद, 74 तस्वीरें हटाने का आरोप; तिरंगे की तस्वीर पर अड़े प्रियंका गांधी के बेटे
प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित फोटो प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ विवादों में है. रेहान ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी 74 तस्वीरें और तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने को कहा.

Rehan Vadra Exhibition: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में आयोजित फोटो प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. रेहान ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रबंधन ने उनसे विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी 74 तस्वीरें हटाने को कहा. उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इस मामले में प्रियंका गांधी और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी प्रतिक्रिया दी है. विवाद के केंद्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कलाकारों के काम पर कथित रोक का मुद्दा है.
रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी पर विवाद, 74 तस्वीरें हटाने का आरोप
दिल्ली के बीकानेर हाउस में बुधवार, 21 अक्टूबर को फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की सोलो फोटो प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ का प्रीव्यू आयोजित किया गया. रेहान का आरोप है कि कार्यक्रम शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रबंधन ने उनसे विरोध प्रदर्शनों से संबंधित करीब 74 तस्वीरें हटाने को कहा. उनके मुताबिक, इन तस्वीरों में दिल्ली में छात्रों और युवाओं के आंदोलनों के दृश्य दर्ज थे. रेहान ने बताया कि प्रदर्शनी का लेआउट और तस्वीरों की जानकारी प्रबंधन को पहले ही भेज दी गई थी. इसके बावजूद अंतिम समय में आपत्ति जताई गई. उन्होंने इस संबंध में लिखित कारण भी मांगा, लेकिन उनके अनुसार उन्हें कोई लिखित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. रेहान ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी साझा करते हुए सवाल उठाया कि विरोध प्रदर्शनों को तस्वीरों के माध्यम से दर्ज करने में क्या आपत्ति हो सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई कलाकारों की अभिव्यक्ति को सीमित करने का प्रयास है.
तिरंगे की तस्वीरें हटाने के निर्देश पर रेहान ने जताई असहमति
इस विवाद में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीरों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उनसे तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के लिए कहा था. हालांकि, उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भारतीय झंडे की तस्वीर नहीं हटाएंगे. रेहान के मुताबिक, उन्हें 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे सूचित किया गया कि शाम पांच बजे तक विवादित तस्वीरें हटा दी जाएं, अन्यथा प्रदर्शनी रद्द की जा सकती है. उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि प्रबंधन ने मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए इन तस्वीरों के प्रदर्शन के समय पर सवाल उठाए थे. रेहान का कहना है कि उनकी तस्वीरें किसी राजनीतिक टिप्पणी के बजाय पिछले छह महीनों में हुए विरोध प्रदर्शनों का दृश्य रिकॉर्ड थीं. उनके अनुसार, एक कलाकार के तौर पर घटनाओं को कैमरे में दर्ज करना उनकी जिम्मेदारी है. हालांकि, प्रबंधन की ओर से आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.
बेटे के समर्थन में उतरीं प्रियंका गांधी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी को लेकर हुए विवाद पर उनकी मां और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने तस्वीरें हटाने की कथित कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे युवाओं की आवाज दबाने से जोड़ा. प्रियंका के मुताबिक, रेहान की तस्वीरों में केवल विरोध प्रदर्शनों को दिखाया गया था और उनमें किसी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं थी. उन्होंने कहा कि यह घटनाओं का दृश्य दस्तावेजीकरण था. प्रियंका ने इस मामले को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताया. उन्होंने चिंता जताई कि यदि किसी युवा कलाकार के काम पर इस तरह आपत्ति की जा सकती है, तो भविष्य में दूसरे कलाकार भी प्रभावित हो सकते हैं. सोशल मीडिया पर भी उन्होंने अपने बेटे को सच्चाई के साथ खड़े रहने का संदेश दिया और उसके काम पर गर्व जताया. इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और कलात्मक अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर बहस शुरू हो गई है. हालांकि, मामले में बीकानेर हाउस प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है.
पवन खेड़ा ने भी उठाए सवाल, दूसरी जगह पूरी प्रदर्शनी लगाने पर विचार
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने के आरोपों पर सवाल उठाए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों से संबंधित तस्वीरों को राजनीतिक मानकर हटाने को कहा गया. खेड़ा ने पूछा कि आखिर इन तस्वीरों में ऐसी क्या आपत्तिजनक सामग्री थी, जिसके कारण उन्हें प्रदर्शित करने पर रोक लगाने की जरूरत पड़ी. रेहान के अनुसार, उनकी तस्वीरों में वन्यजीव, अमूर्त कला और आम लोगों से जुड़े दृश्य भी शामिल थे. विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें इस प्रदर्शनी का एक हिस्सा थीं. विवाद के बावजूद उन्होंने कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने के बजाय उपलब्ध तस्वीरों के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया. उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वह किसी अन्य स्थान पर पूरी प्रदर्शनी आयोजित करने का विकल्प तलाश सकते हैं. फिलहाल इस मामले में बीकानेर हाउस प्रबंधन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने का इंतजार है. आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रबंधन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और प्रदर्शनी को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है.

