25 जुलाई को बिहार बंद का ऐलान, छात्र आंदोलन तेज, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
“बिहार में छात्र संगठनों ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है. AISA और RYA ने पुलिस लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में बंद की घोषणा की है. प्रशासन ने संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है, जबकि 117 संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस ने तस्वीरें भी जारी की हैं”

Patna: बिहार में छात्र आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है. पटना समेत कई जिलों में आज छात्रों के प्रदर्शन की संभावना जताई गई है, जबकि 25 जुलाई को राज्यव्यापी बिहार बंद का आह्वान किया गया है. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) ने हालिया पुलिस लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में बंद का एलान किया है. उधर, बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन होने के कारण राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. पुलिस और प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं.
AISA और RYA ने किया बिहार बंद का आह्वान
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है. दोनों संगठनों का आरोप है कि पटना में लोकभवन मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए. इसके विरोध में छात्र संगठनों ने राज्यभर के छात्रों, युवाओं और आम लोगों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की है. संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी रहेगा.
23 और 24 जुलाई को प्रतिरोध दिवस, 22 जुलाई को बताया 'ब्लैक डे'
AISA ने 22 जुलाई को 'ब्लैक डे' करार देते हुए 23 और 24 जुलाई को पूरे बिहार में प्रतिरोध दिवस मनाने की घोषणा की है. संगठन के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने दावा किया कि पुलिस लाठीचार्ज में सैकड़ों छात्र घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा 25 जुलाई को बिहार बंद के जरिए सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा. छात्र संगठनों के इस आह्वान के बाद कई जिलों में प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.
पटना में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस प्रशासन अलर्ट
गुरुवार को पटना के खगौल क्षेत्र में छात्रों ने नीट पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके. अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी, पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द
22 जुलाई को NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद बिहार पुलिस ने जांच तेज कर दी है. पुलिस ने CCTV फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर 117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं और उनकी पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है. वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने 24 जुलाई 2026 से राज्यभर के पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की सभी छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं. केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी. प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह तैयार है.


