Bengaluru LPG Blast: गैस रिसाव के बाद PG में धमाका, पश्चिम बंगाल के 9 श्रमिक झुलसे
बेंगलुरु के बोम्मासांद्रा स्थित एक पीजी में एलपीजी सिलेंडर विस्फोट से पश्चिम बंगाल के 9 प्रवासी मजदूर झुलस गए. इनमें छह की हालत गंभीर है. पुलिस ने गैस रिसाव की आशंका जताते हुए जांच शुरू कर दी है और पीजी मालिक व संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

Bengaluru: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बोम्मासांद्रा इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया. एक पेइंग गेस्ट (PG) में संदिग्ध गैस रिसाव के बाद हुए एलपीजी सिलेंडर विस्फोट में पश्चिम बंगाल के 9 प्रवासी मजदूर झुलस गए. घायलों में छह की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें 60 प्रतिशत से अधिक जलने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
PG की दूसरी मंजिल पर हुआ भीषण धमाका
यह हादसा बेंगलुरु के बाहरी इलाके बोम्मासांद्रा स्थित श्री साई कम्फर्ट पीजी की दूसरी मंजिल पर हुआ. पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर सुबह उठकर अपने कमरे में मौजूद थे. शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि रात के दौरान कमरे में गैस रिसाव हुआ था. सुबह जैसे ही एक व्यक्ति ने कमरे की लाइट का स्विच ऑन किया, स्पार्क के कारण जोरदार धमाका हो गया. विस्फोट के बाद आग तेजी से आसपास के कमरों तक फैल गई. धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई. कुछ ही देर में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया.
9 मजदूर घायल, छह की हालत गंभीर
पुलिस के मुताबिक, हादसे में पश्चिम बंगाल के नौ प्रवासी मजदूर घायल हुए हैं, जो एक इंजीनियरिंग कंपनी में काम करते हैं और उसी पीजी में रह रहे थे. सभी घायलों को तत्काल चंदापुरा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार, छह मजदूर 60 प्रतिशत से अधिक झुलस गए हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. बाकी घायलों का भी इलाज जारी है. हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन ने विशेष चिकित्सा व्यवस्था की है. फिलहाल सभी घायलों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है. पुलिस अभी यह भी पता लगा रही है कि घायल मजदूर पश्चिम बंगाल के किस जिले के रहने वाले हैं.
PG मालिक और संचालक के खिलाफ मामला दर्ज
जांच के दौरान पता चला कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसमें कुल 18 कमरे हैं. यह भवन नागराज रेड्डी के स्वामित्व में है, जिसे लीज पर लेकर लिंगराजू नामक व्यक्ति पीजी के रूप में संचालित कर रहा था. हादसे के बाद हेब्बागोडी पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर लापरवाही के आरोप में पीजी मालिक नागराज रेड्डी और संचालक लिंगराजू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस यह जांच कर रही है कि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और गैस रिसाव को रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम मौजूद थे या नहीं. फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है.
गैस रिसाव की आशंका, जांच जारी
पुलिस और फोरेंसिक टीम इस बात की जांच कर रही है कि हादसे का वास्तविक कारण क्या था. शुरुआती जांच में गैस रिसाव को विस्फोट की मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा. अधिकारियों ने बताया कि एलपीजी सिलेंडर, गैस पाइपलाइन और अन्य उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि पीजी में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन किया गया था या नहीं. पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.






Leave a comment