असम चुनाव: महिलाओं को ₹2500 देने का झामुमो का वादा, कल्पना सोरेन ने किया बड़ा ऐलान
“असम विधानसभा चुनाव में JMM ने बड़ा चुनावी दांव खेलते हुए महिलाओं को हर महीने ₹2500 और चाय बागान श्रमिकों को ₹500 न्यूनतम मजदूरी देने का वादा किया है. कल्पना सोरेन के इस ऐलान से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.”

असम विधानसभा चुनाव के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बड़ा दांव खेलते हुए महिलाओं और चाय बागान श्रमिकों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं. गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने जनसभाओं को संबोधित करते हुए महिलाओं को हर महीने ₹2500 सम्मान राशि देने का वादा किया, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.
चाय बागान श्रमिकों के लिए बड़ा वादा
चुनावी सभाओं में कल्पना सोरेन ने कहा कि अगर असम में JMM की सरकार बनती है, तो चाय बागान के श्रमिकों को न्यूनतम ₹500 मजदूरी दी जाएगी. उन्होंने श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने का भरोसा दिलाया.
महिलाओं को हर महीने ₹2500
JMM ने महिलाओं को लेकर बड़ा चुनावी वादा किया है. पार्टी की ओर से घोषणा की गई कि राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹2500 सम्मान राशि दी जाएगी. यह योजना सीधे तौर पर महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर केंद्रित होगी.
आवास, शिक्षा और रोजगार पर जोर
अपने संबोधन में कल्पना सोरेन ने कहा कि हर परिवार को आवास, बच्चों को बेहतर शिक्षा और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने इसे “समग्र विकास का मॉडल” बताया.
आदिवासी सम्मान की लड़ाई बताया चुनाव
मजबत विधानसभा क्षेत्र में प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ जीत-हार का नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है. उन्होंने लोगों से JMM के पक्ष में वोट देने की अपील की.
झारखंड मॉडल का हवाला
JMM ने असम में वही रणनीति अपनाई है, जो झारखंड में सफल रही थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2024 चुनाव से पहले महिलाओं के लिए ₹2500 मासिक सहायता की घोषणा की थी, जिसे “मंईयां सम्मान योजना” के नाम से लागू किया गया. इस योजना को चुनाव में गेमचेंजर माना गया था.
निष्कर्ष
असम में JMM का यह ऐलान सीधे तौर पर महिलाओं और श्रमिक वर्ग को साधने की कोशिश माना जा रहा है. अब देखना होगा कि यह “झारखंड मॉडल” असम में कितना असर दिखा पाता है.



