अमित शाह का बड़ा दावा: ‘भारत अब नक्सलमुक्त’, बस्तर के लिए 5 साल का विकास रोडमैप; कांग्रेस पर भी साधा निशाना
“केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से देश में नक्सलवाद के अंत का बड़ा राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी दावा किया. उन्होंने कहा कि “मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत अब नक्सलमुक्त हो चुका है” और बस्तर, जिसने दशकों तक हिंसा, भय और पिछड़ेपन का सामना किया, अब विकास के नए दौर में प्रवेश करेगा.”

Jagdalpur : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से देश में नक्सलवाद के अंत का बड़ा राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी दावा किया. उन्होंने कहा कि “मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत अब नक्सलमुक्त हो चुका है” और बस्तर, जिसने दशकों तक हिंसा, भय और पिछड़ेपन का सामना किया, अब विकास के नए दौर में प्रवेश करेगा. शाह ने यह भी कहा कि बस्तर की 50 साल की विकास हानि को अगले 3 से 5 वर्षों में भरने की कोशिश की जाएगी. अपने संबोधन में उन्होंने सुरक्षा बलों के बलिदान को श्रेय दिया, कांग्रेस सरकारों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेज विकास, पुनर्वास और सरकारी सेवाओं के विस्तार का रोडमैप पेश किया.
‘भारत नक्सलमुक्त हो चुका है’, अमित शाह का सबसे बड़ा बयान
जगदलपुर में सुरक्षा बलों, नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों की मौजूदगी में अमित शाह ने कहा कि देश ने करीब 55 साल तक नक्सलवाद के कारण खून-खराबा, भय और विकास रुकने का दौर देखा. उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने जो लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का रखा था, उसे तय समय से पहले हासिल कर लिया गया. शाह ने कहा कि हजारों जवानों के बलिदान और लगातार सुरक्षा अभियानों के कारण यह संभव हुआ. शाह के मुताबिक, बस्तर जैसे इलाकों में तीन पीढ़ियां हिंसा और असुरक्षा के माहौल में बड़ी हुईं. अब सरकार का अगला लक्ष्य उन क्षेत्रों को तेज विकास से जोड़ना है, जो दशकों तक मुख्यधारा से कटे रहे.
कांग्रेस पर हमला
अमित शाह ने अपने भाषण में राजनीतिक हमला भी बोला. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों की कई गैर-बीजेपी सरकारों ने नक्सल उन्मूलन में केंद्र का सहयोग किया, लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान वह सहयोग नहीं मिला. शाह ने 13 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार बनने को अहम मोड़ बताया और कहा कि उसके बाद अभियान तेज हुआ. यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक देश में नक्सल गतिविधियों का केंद्र रहा है और बस्तर को माओवादी प्रभाव का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता था.
बस्तर में अब बंदूक नहीं, विकास की बात
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद सरकार की प्राथमिकता विकास होगी. उन्होंने घोषणा की कि बस्तर क्षेत्र के 70 सुरक्षा कैंप अब सेवा केंद्रों की तरह काम करेंगे, जहां लोगों को सरकारी सुविधाएं, दस्तावेज, बैंकिंग और अन्य सेवाएं मिल सकेंगी. शाह ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तब तक पूरा नहीं माना जा सकता, जब तक बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्र पूरी तरह विकसित न हों. सरकार का फोकस अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने पर रहेगा.
3 हजार सरेंडर नक्सलियों के लिए रोजगार और पुनर्वास योजना
अमित शाह ने बताया कि आत्मसमर्पण कर चुके लगभग 3 हजार पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास और रोजगार के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है. उनका कहना था कि मुख्यधारा में लौटने वालों को स्थायी जीवन और रोजगार देना जरूरी है, ताकि हिंसा दोबारा न पनपे. विशेषज्ञ मानते हैं कि नक्सलवाद के खिलाफ सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि पुनर्वास और विकास मॉडल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
अमित शाह के बयान का बड़ा मतलब क्या?
अमित शाह का ‘भारत नक्सलमुक्त’ बयान सिर्फ सुरक्षा उपलब्धि नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बड़ा संदेश माना जा रहा है. यह केंद्र सरकार के उस दावे को मजबूत करता है कि पिछले कुछ वर्षों में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या तेजी से घटी है और माओवादी नेटवर्क कमजोर हुआ है. हालांकि, आने वाले समय में असली परीक्षा इस बात की होगी कि जिन इलाकों में दशकों तक हिंसा रही, वहां विकास और प्रशासनिक भरोसा कितनी तेजी से पहुंच पाता है. अगर बस्तर में विकास के वादे जमीन पर उतरते हैं, तो यह सिर्फ सुरक्षा सफलता नहीं बल्कि देश के सबसे लंबे आंतरिक संघर्ष के बाद सामाजिक बदलाव की कहानी भी बन सकती है.



