अमित शाह ने ममता सरकार पर दागी 40 पन्नों की ‘पीपुल्स चार्जशीट’, बोले- घुसपैठिये बंगाल का भविष्य नहीं लिखेंगे
“कोलकाता में Amit Shah ने Mamata Banerjee सरकार के खिलाफ ‘पीपुल्स चार्जशीट’ जारी कर घुसपैठ, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. इस कदम से 2026 विधानसभा चुनाव की सियासत तेज हो गई है.”

Kolkata: कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ ‘पीपुल्स चार्जशीट’ (जनता का आरोप-पत्र) जारी किया. होटल नोवोटेल में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने लगभग 40 पन्नों के इस दस्तावेज को ‘अभियोगनामा’ बताया. इसमें ममता बनर्जी सरकार के 15 साल के शासन को भय, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और कुशासन से जोड़ा गया है. शाह ने कहा कि 2026 का विधानसभा चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठ मुक्त बंगाल बनाने का मुद्दा है. उन्होंने आरोप लगाया कि असम में भाजपा सरकार आने के बाद घुसपैठ लगभग रुक गई, लेकिन पश्चिम बंगाल अब अवैध घुसपैठ का प्रमुख केंद्र बन गया है. शाह ने वादा किया कि भाजपा सत्ता में आई तो हर अवैध घुसपैठिये की पहचान कर उसे देश से बाहर किया जाएगा. साथ ही बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम सरकार बनने के 45 दिनों के अंदर शुरू हो जाएगा. यह चार्जशीट भाजपा के चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी.
घुसपैठ पर शाह का सीधा हमला
अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि घुसपैठिये बंगाल का भविष्य तय नहीं कर सकते. उन्होंने TMC सरकार पर आरोप लगाया कि वह वोट बैंक के लिए अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है. सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) की सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है. इसी क्षेत्र से जाली नोटों की तस्करी हो रही है, जो देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है. शाह ने कहा कि राज्य सरकार सीमा फेंसिंग के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा रही, जिससे 600 किलोमीटर लंबी सीमा असुरक्षित बनी हुई है. भाजपा सरकार बनने पर इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा.
15 साल के शासन पर मुख्य आरोप
चार्जशीट में TMC शासन को 14 क्षेत्रों में असफल बताया गया है. राशन घोटाला, शिक्षक भर्ती में अनियमितताएं, कोयला घोटाला और अम्फान राहत फंड में बड़े गबन के आरोप शामिल हैं. दस्तावेज के अनुसार TMC के 20 से अधिक सांसद, विधायक और पदाधिकारी विभिन्न भ्रष्टाचार मामलों में जेल जा चुके हैं. कानून-व्यवस्था की स्थिति पर शाह ने संदेशखाली, आरजी कर मेडिकल कॉलेज हिंसा, पार्क स्ट्रीट और कामदुनी जैसी घटनाओं का जिक्र किया. भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर हमलों और राजनीतिक हिंसा के मामलों को भी उठाया गया. सिंडिकेट राज और कट-मनी की संस्कृति ने आम लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है. उद्योगों का पलायन जारी है और बेरोजगारी बढ़ रही है.
तुष्टीकरण और विकास की उपेक्षा
शाह ने TMC पर अल्पसंख्यक तुष्टीकरण का आरोप लगाया. उनके अनुसार अल्पसंख्यकों के लिए भारी बजट आवंटित किया जा रहा है, लेकिन पिछड़े वर्ग (OBC) की उपेक्षा हो रही है और उनकी सूची में अनियमितताएं हैं. ‘मां, माटी, मानुष’ का नारा देने वाली सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है. बंगाल की जनता अब भयमुक्त और विकासपूर्ण भविष्य चाहती है.
विक्टिम कार्ड पर तीखी टिप्पणी
ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर वे ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने लगती हैं. कभी चोट, कभी बीमारी और कभी चुनाव आयोग या अन्य संस्थाओं पर आरोप. उन्होंने एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायिक अधिकारी नियुक्त किए जाने को राज्य के लिए शर्मनाक बताया. शाह ने बंगाल की जनता से अपील की कि वे डर छोड़कर लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करें और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चुनें.
भाजपा का चुनावी लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि 2016 में भाजपा को 3 सीटें मिलीं, 2021 में 77 सीटें और 2026 में पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी. चार्जशीट को चुनाव प्रचार का प्रमुख हथियार बनाया जाएगा. इस दस्तावेज में टीएमसी शासन को कम्युनिस्ट काल से भी बदतर बताया गया है. TMC ने शाह के आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज कर दिया है और अपना जवाबी दस्तावेज जारी किया. ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र पर राज्य के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया है.
बंगाल की सियासत अब पूरी तरह 2026 विधानसभा चुनाव पर केंद्रित हो गई है. अमित शाह की चार्जशीट ने घुसपैठ, राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को मुख्य चुनावी मुद्दे बना दिया है. आने वाले दिनों में दोनों पार्टियां इन मुद्दों पर जोरदार प्रचार करेंगी.



