3 साल तक सगी बेटी का यौन शोषण करता रहा पिता, वेल्लोर में इलाज के दौरान डॉक्टर के सामने खुला खौफनाक राज
“पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कलयुगी पिता पर अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ पिछले तीन सालों से यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है. ”

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कलयुगी पिता पर अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ पिछले तीन सालों से यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है. पीड़िता की मां की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस ने आरोपी पिता को झारखंड के दुमका जिले से गिरफ्तार कर लिया है. यह शर्मनाक वाकया तब उजागर हुआ जब मानसिक रूप से अस्वस्थ पीड़िता को इलाज के लिए वेल्लोर ले जाया गया था. वहां डॉक्टरों की काउंसिलिंग के दौरान पीड़िता ने अपने पिता की इस घिनौनी करतूत का खुलासा किया. पीड़िता की मां ने दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाना में अपने पति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है.
वेल्लोर में इलाज के दौरान डॉक्टर के सामने खुला राज
पीड़िता पिछले एक साल से बेहद गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रही थी. शुरुआत में परिजनों ने उसका इलाज दुर्गापुर के ही मिशन अस्पताल में करवाया, लेकिन उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. मानसिक प्रताड़ना के चलते नाबालिग इस कदर टूट चुकी थी कि उसने कुछ समय पहले आत्महत्या करने का भी प्रयास किया था. अंततः अप्रैल महीने में माता-पिता उसे बेहतर इलाज के लिए वेल्लोर के एक अस्पताल ले गए. वहां इलाज और काउंसिलिंग के दौरान जब डॉक्टरों ने बच्ची की चिड़चिड़ाहट और अवसाद का कारण जानने की कोशिश की, तो पीड़िता फूट-फूट कर रो पड़ी. उसने डॉक्टरों के सामने पूरी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसका सगा पिता ही पिछले तीन वर्षों से उसका यौन शोषण कर रहा है. डॉक्टरों से यह सच्चाई जानने के बाद मां के पैरों तले जमीन खिसक गई और उसने तुरंत वेल्लोर में ही 'जीरो एफआईआर' दर्ज कराई.
मां को छोड़ने की धमकी और पिता का खौफनाक दबाव
नाबालिग ने पुलिस और डॉक्टरों को बताया कि वह लंबे समय से इस नरक को झेलने के लिए इसलिए मजबूर थी क्योंकि उसका पिता उस पर लगातार मानसिक दबाव बना रहा था. जब भी पीड़िता ने इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने या अपनी मां को सच बताने की कोशिश की, तो आरोपी पिता उसे डराता-धमकाता था. आरोपी ने बेटी को धमकी दी थी कि अगर उसने इस बारे में किसी को भी एक शब्द कहा, तो वह उसकी मां को हमेशा के लिए छोड़कर चला जाएगा और उनका पूरा परिवार बर्बाद हो जाएगा. अपनी मां के भविष्य और घर टूटने के डर से मासूम बच्ची इस खौफनाक दर्द को चुपचाप सहती रही. इसी भारी मानसिक दबाव और आत्मग्लानि के कारण वह गंभीर डिप्रेशन का शिकार हो गई थी, जिसके चलते उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने तक का कदम उठा लिया था.
झारखंड के दुमका से आरोपी पिता की गिरफ्तारी और पुलिसिया कार्रवाई
वेल्लोर से लौटने के बाद पीड़िता की मां ने 31 मई को दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाना में पति के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस की धारा 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत केस दर्ज किया. चूंकि आरोपी एक प्रतिष्ठित निजी टेलीकॉम कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत है और चार महीने पहले ही तबादले के बाद झारखंड के दुमका आया था, इसलिए बंगाल पुलिस ने दुमका नगर थाना पुलिस के सहयोग से टाउन थाना क्षेत्र में छापेमारी कर उसे दबोच लिया. दुमका नगर थाना प्रभारी अशोक राम ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्गापुर ले गई है. दूसरी ओर, आरोपी पिता ने खुद को बेगुनाह बताते हुए इसे अपनी पत्नी द्वारा रची गई एक साजिश करार दिया है, हालांकि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.




